गेम के चक्कर में अकाउंट से गए लाखों रुपए, जानिए क्या है मामला
एक वक्त ऐसा भी था जब पबजी मोबाइल गेम ने लोगों को मशहूर कर दिया था. पबजी गेम के चक्कर में बच्चे मारपीट और घर में मारपीट तक करने लगे.
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एक वक्त ऐसा भी था जब पबजी मोबाइल गेम ने लोगों को मशहूर कर दिया था. पबजी गेम के चक्कर में बच्चे मारपीट और घर में मारपीट तक करने लगे. कई ऐसे मामले भी सामने आए थे जब पबजी की वजह से बच्चों ने घरों से चोरी की और यहां तक कि आत्महत्या तक के कदम उठा लिए. अब भारत में पबजी तो बैन हो गया है लेकिन उसकी जगह पबजी की कंपनी के एक गेम ने ले ली है. ताजा मामला हैदराबाद का है जहां एक 16 साल के लड़के ने उसकी मांग पर उसके बैंक खाते से गेमिंग में 36 लाख रुपए खर्च कर दिए.
घर में मारपीट
हैदराबाद साइबर पुलिस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक 16 साल के लड़के ने फ्री फायर गेम खेलने के लिए 36 लाख रुपए खर्च किए हैं. वह अपने दादा के स्मार्टफोन पर गेम खेलते थे. उसने पहले अपनी मां के बैंक खाते से 1,500 रुपये खर्च किए और फिर 10,000 रुपये खर्च किए.
पति का देहांत
इसके बाद उन्होंने एक बार खेल में हथियार खरीदने के लिए 1.45 लाख रुपये और फिर 2 लाख रुपये खर्च किए. कुछ माह बाद सारा मामला तब सामने आया जब उसकी मां बैंक से पैसे निकालने गई. बैंकरों ने बताया कि उन्होंने अपने खाते से 36 लाख रुपये खेल पर खर्च किये हैं. बैंक से जानकारी मिलने के बाद मां ने इसकी शिकायत साइबर पुलिस से की है. महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति का देहांत हो चुका है और बैंक में रखा पैसा उसकी कमाई है.
बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव
2020 में अमेरिका के सीएस मॉट चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल के एक सर्वे में दावा किया गया था कि वीडियो गेम खेलने से बच्चे बुद्धिमान बनते हैं. सर्वेक्षण में शामिल 71% माता-पिता इस बात से सहमत थे कि वीडियो गेम खेलना उनके बच्चों के लिए अच्छा है और वीडियो गेम खेलने का बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. वहीं, 44 फीसदी अभिभावकों ने वीडियो गेम पर प्रतिबंध लगाने की मांग की.