खेल की सबसे बड़ी कोर्ट ने रूस को किया दो साल के लिए बैन, सामने आई ये वजह
रूस पर दो साल के लिए बैन लगा दिया गया है। इसके पीछे एक बड़ी वजह सामने आई है, जिसे सुन चौंक जाएंगे आप।
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रूस को खेल की दुनिया में एक बड़ा झटका लगा है। रूस आने वाले दो ओलांपिक और 2 सालों तक किसी भी विश्व चैम्पियनशिप में खुद के गान, झंडे और नाम का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स की तरफ से आने वाले दो साल के लिए रूस को खेल की किसी भी बड़ी प्रतियोगितोओं की मेजबानी का दावा करने से भी प्रतिबंधित करने का कदम उठाया है।
इसके चलते अब रूस न तो टोक्यो ओलंपिक में भाग ले सकेगा और न ही 2022 में होने बीजिंग विंटर ओलंपिक का हिस्सा बनेगा। ये सब इसीलिए हुआ है क्योंकि रूस पर डोपिंग के नियमों का उल्लंघन करने का दोष साबित हो गया है। लेकिन इन सबके बीच एक राहत की खबर ये है कि जो खिलाड़ी डोपिंग में शामिल नहीं है वो स्वतंत्र होकर ओलंपिक का पार्ट बन सकते है, लेकन वो रूस के नाम, गान और ध्वज का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
कोरोना वायरस के चलते जापान के टोक्यों में ओलंपिक और पैरालंपिक 2020 में होने वाले थे वो नहीं होंगे। इन खेलों की मेजबानी 2021 में टोक्यों को ही करनी थी। इन सबके अलावा रुस को अगले दो साल तक किसी भी प्रमुख खेल आयोजनों की बोली लगाने पर भी रोक लगा दी गई है।
जानिए क्यों रूस पर लगाया इतना बड़ा बैन?
दरअसल वादा (WADA) ने अपनी जांच में ये पाया था कि रूसी अधिकारियों की ओर से डेटाबेस छेड़छाड़ किया है। इसके बाद ही रूस पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन बाद में रूस ने इस चीज पर विरोध जताया और खेल की सबसे बड़ी अदालत तक इस मामले को ले जाने का फैसाल किया। इसके बाद ही अब रूस पर बैन 4 से हटाकर 2 साल कर दिया गया है। लेकिन इसके बावजूद रूस अभी दोष मुक्त नहीं हुआ है। रुस को ये सजा तीन जजोंं द्वारा सुनाई गई है।