अमृतपाल सिंह की पत्नी को पुलिस ने एयर पोर्ट पर रोका, लंदन भागने की फिराक में थी किरणदीप कौर
जांच एजेंसियों के अनुसार अमृतपाल की पत्नी किरणदीप पर आतंकी संगठनों के लिए फंड जुटाने का आरोप है. जांच एजेंसियों की जांच में और भी कई अहम खुलासे हुए थे. किरणदीप के कई अन्य मुल्कों में भी लिंक हैं.

वारिस पंजाब दे का चीफ खालिस्तानी समर्थक और भगोड़ा अमृतपाल सिंह की पत्नी को अमृतसर एयर पोर्ट से पंजाब पुलिस ने गुरुवार को हिरासत में ले लिया है. बताया जा रहा है कि किरणदीप कौर विदेश भागने के फिराक में थी. तभी एयरपोर्ट से पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
बर्मिंघम जाने के फिराक में थी किरणदीप
बताया जा रहा है कि किरणदीप कौर बर्मिंघम भागने की फिराक में थी. तभी वह एयर पोर्ट पर पहुंची थी. लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर एयर पोर्ट पर पहले से ही मौजूद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरु कर दी. मालूम हो कि किरणदीप कौर पर खालिस्तानी समर्थकों को फंडिंग का आरोप है.
सुरक्षा एजेंसियां किरणदीप से कर रही पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, किरणदीप कौर सुबह 11.40 बजे एयरपोर्ट पहुंची थी. ढाई बजे की फ्लाइट से वह यूके जा रही थी. लिस्ट में नाम देख इमीग्रेशन ने उन्हें रोका और उनसे पूछताछ की. सुरक्षा एजेंसियां भी किरणदीप कौर से पूछताछ कर रही हैं. मौके पर पंजाब पुलिस मौजूद है.
किरणदीप कौर के कई मुल्कों में हैं लिंक
जांच एजेंसियों के अनुसार अमृतपाल की पत्नी किरणदीप पर आतंकी संगठनों के लिए फंड जुटाने का आरोप है. जांच एजेंसियों की जांच में और भी कई अहम खुलासे हुए थे. किरणदीप के कई अन्य मुल्कों में भी लिंक हैं.
आतंकी संगठन बब्बर खालसा की एक्टिव मेंबर
जांच एजेंसियों के मुताबिक किरणदीप खालिस्तान समर्थित आतंकी संगठन बब्बर खालसा की एक्टिव मेंबर है. यह संगठन कनाडा और यूके से संचालित होता है. किरणदीप विदेश में बैठकर ही संगठन के लिए पूरी साजिश रचती थी. इसका मुख्य काम लोगों को संगठन से जोड़ना था.
यूके पुलिस के भी रडार पर है किरणदीप कौर
मालूम हो कि अमृतपाल सिंह की पत्नी किरणदीप कौर यूके की रहने वाली है. वह पहले से ही खालिस्तानी समर्थक है. अमृतपाल से शादी से पहले वह अलगाववादी संगठन बब्बर खालसा के संपर्क में थी. जिसके वजह से वह यूके के पुलिस की रडार पर भी थी.