Pokhran Nuclear Test से जुड़ी ये खास बातें जानकर भारतीय वैज्ञानिकों को सलाम करेंगे आप

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पोखरन Nuclear Superpower से जुड़ी अहम बातें

साल 1998 भारत के लिए बेहद ही खास और महत्वपूर्ण रहा था. इसी साल भारत एक परमाणु सशक्त देश के तौर पर सबके सामने आया. दुनिया भर में भारत की जमकर तारीफ हुई. ये एक सिक्रेट मिशन था. इसे अमेरिका की जासूसी एजेंसी की नाक के नीचे कम संसाधनों के साथ पूरा किया गया.

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भारत ऐसा कमाल करने वाला बना पहला देश

UN Security Council के देश- चीन, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट्स के अलावा भारत न्यूक्लियर टेस्ट करने वाला पहला देश बना.

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दूसरा न्यूक्लियर टेस्ट था

भारत का पहला न्यूक्लियर टेस्ट 1974 में पोखरन में किया गया था. इस मिशन का नाम दिया गया था ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा. सीआईए के जासूसों ने टेस्टिंग की खबर का पता लगा लिया था इसीलिए ये टेस्टिंग बंद करनी पड़ी.

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रात में काम करते थे वैज्ञानिक

भारत के वैज्ञानिकों के पास मिशन की तैयारी करने के लिए केवल 1.5 साल का ही वक्त था. इस मिशन को गुप्त रखने से ज्यादा सीआईए की हमारे ऊपर नजर. रात में सैटलाइट से होती थी तस्वीरें खिंचने में परेशानी तो उस दौरान करते थे वैज्ञानिक काम.

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सैनिकों की भेष में साइट पर जाते थे वैज्ञानिक

इस मिशन को गुप्त बनाए रखने के लिए वैज्ञानिकों ने सेना अधिकारियों का भेष बनाया और फिर अलग-अलग नाम भी दिए. अब्दुल कलाम का नाम था मेजर जनरल पृथ्वी राज और वही राजागोपाल चिदंबरम का नाम नटराज था.