19 साल बाद बना सावन का योग, जानिए सभी जरूरी बातें

इस साल श्रावण अधिकमास का संयोग 19 साल बाद फिर बन रहा है. इस वजह से चातुर्मास पांच महीने का रहेगा. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चतुर्मास के दौरान भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन करेंगे.

19 साल बाद बना सावन का योग, जानिए सभी जरूरी बातें
प्रतीकात्मक तस्वीर

इस साल श्रावण अधिकमास का संयोग 19 साल बाद फिर बन रहा है. इस वजह से चातुर्मास पांच महीने का रहेगा. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चतुर्मास के दौरान भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन करेंगे. इस दौरान भगवान शिव दुनिया के प्रबंधन का ख्याल रखते हैं. चातुर्मास की अवधि में विवाह, मुंडन, कंचेदान आदि मांगलिक कार्यों में पांच महीने का ब्रेक रहेगा.

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2023 में दो बार पढ़ रहा है सावन

वैदिक पंचांग की गणना सौर मास और चंद्र मास के आधार पर की जाती है।

चंद्र मास 354 दिनों का होता है और सौर मास 365 दिन का।

चंद्र मास और सौर मास में तकरीबन 11 दिनों का अंतर होता है।

हर तीसरे साल में यह अंतर 33 दिनों का हो जाता है।

इसी अंतर को अधिक मास कहा जाता है।

इस बार सावन अधिक मास में ही है जो बहुत दुर्लभ माना जाता है।

यही कारण है कि सावन इस साल दो महीने का होने वाला है।   


जानिए कब-कब है सोमवार की तिथियां

सावन पहला सोमवार: 10 जुलाई

सावन दूसरा सोमवार: 17 जुलाई

सावन तीसरा सोमवार: 24 जुलाई

सावन चौथा सोमवार: 31 जुलाई

सावन पांचवा सोमवार: 7 अगस्त

सावन छठा सोमवार: 14 अगस्त

सावन सातवां सोमवार: 21 अगस्त

सावन आठवां सोमवार: 28 अगस्त