कोरोना किस स्थिति में है सबसे ज्यादा खतरनाक, कैसे रख सकते हैं ख्याल

एरोसोल का ट्रांसमिशन किसी बंद स्थान में ज्यादा होता है। इसलिए किसी बंद जगह पर कम लोगों के रहने की सलाह दी जाती है जिससे उचित दूरी रह सके।

कोरोना किस स्थिति में है सबसे ज्यादा खतरनाक, कैसे रख सकते हैं ख्याल
symbolic image (credit:facebook)

दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर जारी है। दुनिया के बहुत से देश इस प्रयास में लगे हैं कि कैसे भी जल्द से जल्द वैक्सीन बन जाए। इनमें से कुछ देश ऐसे भी हैं जो वैक्सीन बन जाने का दावा कर चुके हैं। भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी ये आश्वासन दिया है कि 2021 के शुरुआत तक वैक्सीन आजाएगी। तो लोगों की निगाहें अब उसी पर टिकी हैं। अब देश में सर्दियों के साथ ही त्यौहारों का मौसम भी शुरू हो गया है। लेकिन इस कोरोना के कारण हमे अभी और समय घर के अंदर ही रहना होगा। वैक्सीन की प्रभावशीलता हर्ड इम्युनिटी को बढ़ावा देने में महीनों का समय लगेगा जो कि ट्रांसमिशन को कई हद तक धीमा भी कर देगा। 


• यह माना जा सकता है कि मास्क पहनने के लिए जो दिशानिर्देश दिए गए हैं उससे संक्रमण में काफी हद तक फर्क पड़ रहा है। 


• कोरोना के 40-45% मामले ड्रॉप्लेट्स से ही फैले हैं। कोरोना के मामलों का लगभग 50% संक्रमण छूने द्वारा फैलता है। 


• संक्रमण का मुख्य तरीका एरोसोल भी होता है। बड़ी ड्रॉप्लेट्स 2 मीटर से ज्यादा दूर नहीं जा सकती इसलिए कम से कम 2 मीटर की दूरी के लिए कहा जाता है, लेकिन छोटी ड्रॉप्लेट्स ज्यादा दूरी तय करती हैं और ज्यादा समय तक हवा में रहती हैं। 


• शोध करने पर समाने आया कि 1 मिनट तक ज़ोर से बोलने पर लगभग 1000 से ज्यादा एरोसोल युक्त विषाणु उत्पन्न करता है। इसलिए, आम तौर पर बोलते समय मास्क को नीचे करने के लिए मना किया जाता है।


• एरोसोल का ट्रांसमिशन किसी बंद स्थान में ज्यादा होता है। इसलिए किसी बंद जगह पर कम लोगों के रहने की सलाह दी जाती है जिससे उचित दूरी रह सके।


• मास्क आपके ड्रॉप्लेट्स को बाहर जाने से रोकता है। साथ ही आपके हाथों को बार बार आपके मुंह और नांक के सम्पर्क में आने से रोकता है। 


इसलिए, हमे इस बात को मान लेना चाहिए कि लगभग 1 साल तक हमे मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और बार-बार हाथों को धोना आदि चीज़ों को जारी रखना होगा। अगर मास्क की बात की जाए तो ये जरुरी नहीं कि एक सर्जिकल मास्क ही पहनना जरुरी है क्योंकि एक चुन्नी या कपडा भी मास्क की तरह ही प्रभावी हो सकता है। लेकिन जरुरी है उसका सही तरह से इस्तेमाल करना आना चाहिए। मास्क पहनते समय ये ध्यान रखें कि आपका मुंह और नांक अच्छी तरह से ढके हुए हों।