स्टेशन पर खड़ी ट्रेन का इंजन गायब, मास्टरमाइंड छह महीने था फरार
रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के स्टीम इंजन को कबाड़ में बेचने वाले आरोपी इंजीनियर को बिहार में गिरफ्तार कर लिया गया है. मामला समस्तीपुर रेल मंडल के पूर्णिया स्टेशन का है.
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रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के स्टीम इंजन को कबाड़ में बेचने वाले आरोपी इंजीनियर को बिहार में गिरफ्तार कर लिया गया है. मामला समस्तीपुर रेल मंडल के पूर्णिया स्टेशन का है. यहां डीजल शेड में काम करने वाले एक इंजीनियर ने स्टेशन पर खड़े करोड़ों रुपये का भाप इंजन कबाड़खाने को बेच दिया था. वह छह महीने से पुलिस से छिपा था. पुलिस ने 17 जून को उसे नोएडा से गिरफ्तार किया था. खगड़िया कोर्ट में पेश करने के बाद उसे रिमांड पर लिया गया है. इंजीनियर का नाम राजीव रंजन झा है. उसने आरपीएफ से पूछताछ में कई खुलासे किए हैं. इसी मामले में रेलवे पुलिस अब कबाड़ कारोबारी पंकज कुमार धंधनिया की तलाश कर रही है.
जानकारी के मुताबिक, आरोपी सेक्शन इंजीनियर की रिमांड 23 जून को खत्म हो गई. रेलवे पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का खुलासा नहीं किया, ताकि जांच किसी भी तरह से प्रभावित न हो. इस मामले में अब तक पांच आरोपित जेल जा चुके हैं. जिसमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक ने खगड़िया कोर्ट में सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाला आरोपी हेल्पर सुशील यादव है. वहीं जेल जाने वाले आरोपियों में नीरज धंधनिया, उसके मुंशी राम भाष्य शर्मा, हिवा का चालक शिशुपाल सिंह शामिल है.
कबाड़ की तलाश
मामले का पता न चलने के लिए डीजल शेड पोस्ट के इंस्पेक्टर वीरेंद्र द्विवेदी की मिलीभगत से उन्होंने आगमन पंजिका पर एक पिकअप वैन के कबाड़ के अंदर प्रवेश करवाया. लेकिन जब इसका कोई सबूत नहीं मिला तो महिला आरक्षक ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी. इस चोरी का खुलासा होते ही सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई. आरपीएफ ने जांच शुरू की तो डीएमई ने बताया कि इंजन का कबाड़ लाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. इसके बाद कबाड़ की तलाश शुरू हुई लेकिन दो दिन तक कबाड़ लदे वाहन का कोई पता नहीं चला. इसके बाद इस मामले में मामला दर्ज किया गया.