देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, इन राज्यों में मिले सबसे ज्यादा मामले

श भर के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के नए मामले सामने आने से दहशत का माहौल है. जानिए इनके लक्षणों के बारे में.

देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, इन राज्यों में मिले सबसे ज्यादा मामले
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच यूपी और राजस्थान में स्वाइन फ्लू से मरीजों की मौत को लेकर हड़कंप मच गया है. वहीं देश भर के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के नए मामले सामने आने से दहशत का माहौल है. मरीजों में कोरोना जैसे लक्षण निमोनिया, सांस लेने में तकलीफ और ऑक्सीजन की कमी है, जो एक बहुत ही खतरनाक संकेत है.

जानिए क्या है स्वाइन फ्लू रोग?

स्वाइन फ्लू बहुत तेजी से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है. स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा ए को एच1एन1 के नाम से भी जाना जाता है. यह सूअरों द्वारा फैलने वाला एक बहुत ही खतरनाक संक्रामक रोग है. H1N1 वायरस इस बीमारी से पीड़ित किसी जानवर या इंसान के करीब आने के बाद मानव शरीर में मौजूद ह्यूमन फ्लू स्ट्रेन के संपर्क में आने से फैलता है. इससे यह बीमारी जानवरों से इंसानों में भी फैलती है.

इन राज्यों में मिले स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा मामले

राजस्थान में फ्लू के इतने केस

राजस्थान में पिछले दो महीने में स्वाइन फ्लू के 90 से ज्यादा मरीज मिले हैं. अकेले जयपुर में 70 से ज्यादा मरीज मिले हैं. जयपुर में स्वाइन फ्लू से अब तक 2 मरीजों की मौत हो चुकी है. जयपुर में 2018 में स्वाइन फ्लू से 221 लोगों की, 2019 में 208 और 2021 में 116 लोगों की मौत हुई.

स्वाइन फ्लू ने दी यूपी में दस्तक

देश के सबसे घनी आबादी वाले राज्य यूपी में भी स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है. 30 मई सोमवार को कानपुर में स्वाइन फ्लू से सराफा व्यापारी की मौत के बाद से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है. हालांकि अभी तक परिवार में कोई भी एच1एन1 पॉजिटिव नहीं पाया गया है. इससे पहले 2019 में राज्य में स्वाइन फ्लू से एक मौत हुई थी.

स्वाइन फ्लू के लक्षण

तेज बुखार के साथ लगातार नाक बहना. उपचार के 24-48 घंटों के भीतर सामान्य बुखार से राहत नहीं मिलती है. इसके बाद स्वाइन फ्लू के लक्षण के तौर पर इसकी तुरंत जांच कराई जाए.

स्वाइन फ्लू के लिए कौन घातक हो सकता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए यह बीमारी कोरोना जितनी ही खतरनाक है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह वायरस कोरोना की तरह इंसान के फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचाता है. जब यह वायरस हमारे शरीर पर हमला करता है तो शरीर में मौजूद WBC इसे रोकने का काम करता है. वहीं अगर WBC कमजोर है तो H1N1 अटैक को रोक नहीं पाता है. ऐसे में लोग इस वायरस का शिकार हो जाते हैं. इससे टीबी के मरीज, एचआईवी के मरीज, एनीमिया के मरीज, बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं, डायबिटीज से पीड़ित लोग सबसे ज्यादा पीड़ित होते हैं. जब ऐसे लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं तो उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत महसूस होती है, नहीं तो मरीज की मौत भी हो सकती है.