शव को अस्पताल से ले जाना था बाहर, डॉक्टर ने नही दी एंबुलेंस
मध्यप्रदेश से एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है. जहां पूजाराम जाटव अपने तीन साल के बेटे राजा को जिला अस्पताल लेकर आए थे. राजा एनीमिया से पीड़ित थे और सरकारी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.
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मध्यप्रदेश से एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है. जहां पूजाराम जाटव अपने तीन साल के बेटे राजा को जिला अस्पताल लेकर आए थे. राजा एनीमिया से पीड़ित थे और सरकारी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. जैसे ही अंबा अस्पताल से राजा को लाने वाली एम्बुलेंस तुरंत लौट आई, जाटव ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों से शव को गांव वापस ले जाने के लिए एक वाहन मांगा, लेकिन उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि अस्पताल में कोई वाहन नहीं है और उसे किराए पर लेने के लिए कहा. तभी एक लाचार जाटव अपने आठ साल के बेटे गुलशन के साथ राजा का शव लेकर अस्पताल से बाहर आया. सूचना मिलते ही एसएचओ योगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे. उन्होंने शव को उठाया और सीधे जिला अस्पताल पहुंचे. जल्द ही अस्पताल प्रशासन ने एम्बुलेंस की व्यवस्था की और शव को घर भेज दिया गया.
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भाजपा सरकार की खिंचाई
पिछले पांच महीने में राज्य में इस तरह की यह तीसरी घटना है. इस घटना को लेकर विपक्षी कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की खिंचाई की. कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, मैं आपसे फिर से अनुरोध करता हूं कि आप राज्य के मुखिया के रूप में चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करें ताकि राज्य के सात करोड़ लोगों को आपकी लापरवाही का नुकसान न हो.