Noida Twin Tower Demolition: ट्विन टावर में जबरदस्त धमाका, पलक झपकते गिरी बिल्डिंग

नोएडा में ट्विन टॉवर आखिरकार कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गया. अनुमान के मुताबिक 13 साल में बनी यह इमारत करीब 9 से 10 सेकेंड के समय में ढह गई.

Noida Twin Tower Demolition: ट्विन टावर में जबरदस्त धमाका, पलक झपकते गिरी बिल्डिंग
प्रतीकात्मक तस्वीर

नोएडा में ट्विन टॉवर आखिरकार कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गया. अनुमान के मुताबिक 13 साल में बनी यह इमारत करीब 9 से 10 सेकेंड के समय में ढह गई. जैसे ही इमारत ढही, चारों तरफ सिर्फ मलबे का धुंआ ही नजर आ रहा था. जब ट्विन टावर्स को नीचे लाया गया तो यहां मौजूद लोगों ने जोरदार धमाका सुना. लोगों ने धरती को कांपते हुए भी महसूस किया. देखते ही देखते धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया.

क्विक रिस्पांस टीम

ट्विन टावर्स में जैसे ही विस्फोट हुआ, पलक झपकते ही पूरी बिल्डिंग नीचे गिर गई. लेकिन धूल के बादल चारों तरफ फैल गए. फिलहाल धूल कम करने का काम शुरू हो गया है. इसके लिए पहले से तैनात स्मोक गन का सहारा लिया जा रहा है. इसके अलावा पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है. मौके पर सी में डी कचरा उठाने के लिए क्विक रिस्पांस टीम पहुंच गई है. टीम को उम्मीद है कि 1 घंटे के भीतर आसपास की सड़क के सभी निर्माण कचरे को साफ कर दिया जाएगा.

सुपरटेक ट्विन टावर्स की ग्राउंडिंग 28 अगस्त को दोपहर 2.30 बजे होगी. इसके लिए 3700 किलो बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसा देश के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब इतनी बड़ी इमारत को गिराया जा रहा है.

ब्लास्ट कंट्रोल रूम
आपको बता दें कि टावर में विस्फोटकों को धमाका करने के लिए 100 मीटर की दूरी पर कंट्रोल रूम में एक स्विच बनाया गया है. इस कंट्रोल में सिर्फ 6 लोग होंगे. इसके अलावा 500 मीटर के दायरे में किसी को भी आने की इजाजत नहीं होगी. मीडिया भी इमारत से 600 मीटर की दूरी पर रहेगा. 100 मीटर ब्लास्ट कंट्रोल रूम में जो छह लोग होंगे, उनमें जो ब्रिंकमैन, मार्टिंस, केविन स्मिथ, साइट प्रभारी मयूर मेहता, भारतीय ब्लास्टर चेतन दत्ता और एक पुलिस अधिकारी, दक्षिण अफ्रीकी खनन इंजीनियर टीम के सदस्य शामिल है.

इंसीडेंट कमांडर
रिमोट कंट्रोल का इस्तेमाल टावर को ब्लास्ट करने के लिए किया जाएगा. आईपीएस एस राजेश को ट्विन टावर ब्लास्ट का इंसीडेंट कमांडर बनाया गया है, जो मोबाइल कंट्रोल रूम में बैठकर पूरे हालात और गतिविधियों पर नजर रखेंगे. एस राजेश की हरी झंडी देने के बाद ही ट्विन टावरों को ब्लास्ट किया जाएगा. यानी एस राजेश के कहने पर 32 मंजिला इमारत को गिराया जाएगा.