बिहार विभूति अनुग्रह बाबू के पुण्यतिथि पर जानी उंहा के बारे में....
इंहा के जब सरकारी यात्रा पर कहीं जाई तब्बो आपन तनख्वाह से भोजन करीं .
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बिहार के उन्नति में डॉ अनुग्रह नारायण सिंह (Dr. Anugrah Narayan Singh) जी के बड़ा योगदान मानल जाला. बिहार के पहिला उप-मुख्यमंत्री के अलावा इंहा के वित्तमंत्री भी रहल रहनी, लेकिन दोसर नेता लोग से इंहा के अलग पहचान इंहा के सादगी से रहे. इंहा के जब सरकारी यात्रा पर कहीं जाई तब्बो आपन तनख्वाह से भोजन करीं . ए तकले कि प्रदेश के दूर-दराज इलाका, जहां जाईल आम लोग खातिर भी सुरक्षित ना समझल जात रहे, ओहूजा अनुग्रह नारायण सिंह बिना कौनो सुरक्षा के यात्रा करीं अउर तुरंत ही स्थानीय लोग में घुलमिल जाई. आज एहि महान विभूति के पुण्यतिथि ह.
आजादी के आंदोलन से केंगा जुड़नी
औरंगाबाद जिला के पोईअवा गांव में जून 1887 के जन्मल डॉ सिंह के बचपन ग्रामीण माहौल में बिल्कुल एगो आम बच्चा के तरह बीतल लेकिन कॉलेज के पढ़ाई के दौरान इंहा के अलग ही शख्सियत की तरह उभरनी. पटना कॉलेज में पढ़त समय इंहा के वो दौर के नेता लोग के भाषण सुनली. ओज जगावे वाला ई भाषण देश के आजादी से जुड़ल रहे. फेर का रहे, गुलामी के तुड़े खातिर युवा अनुग्रह के मन ललच उठल. इंहा के आजादी के आंदोलन में सक्रिय तौर पर शामिल होखे के तैयारी में लाग गइनी.