जंतर मंतर पर अपनी संसद लगाने पहुंचे किसान, राकेश टिकैत ने मांगा विपक्ष का साथ
वे संसद के माॅनसून सत्र तक यहां प्रदर्शन करेंगे.

पिछले आठ महीनों से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने भारतीय किसान यूनियन की अगुवाई में आज से जंतर मंतर पर प्रदर्शन शुरु कर दिया है. पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच किसान आज सुबह जंतर मंतर पहुंचें. वे संसद के माॅनसून सत्र तक यहां प्रदर्शन करेंगे.
आपको बता दें कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने प्रतिदिन 200 किसानों को प्रदर्शन करने की अनुमति दी है और वे सुबह 11 बजे से शाम के 5 तक प्रदर्शन कर सकेंगे. इसके अलावा किसानों को प्रदर्शन के दौरान मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, सैनिटाइजर का उपयोग जैसे कोविड नियमों का भी पालन करना होगा.
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि जब तक संसद का सत्र चलेगा, हमलोग जंतर मंतर पर ही अपनी किसान संसद चलाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. वहीं किसान यूनियन के नेताओं ने दावा किया है कि इस बार प्रदर्शन शांति तरीके से होंगे और कोई भी किसान संगठन या प्रदर्शनकारी संसद की ओर नहीं बढ़ेंगें. इसके अलाावा प्रदर्शन स्थल से जंतर मंतर के बीच रुट में भी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.
किसान नेताओं ने आगे बताते हुए कहा कि जंतर मंतर पर किसान संसद के दौरान कृषि बिल से जुड़े विधेयकों पर प्रतिदिन चर्चा की जाएगी, जिसके लिए स्पीकर नियुक्त किए जाएंगे और प्रदर्शन के पहले दो दिन के दौरान एपीएमसी एक्ट पर चर्चा की जाएगी.
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम यहां पर अपनी आवाज उठाएंगे और विपक्ष को सदन के अंदर हमारी आवाज बनना चाहिए. वहीं जंतर मंतर पर किसान संसद लगाए जाने के संबंध में जवाब देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हम किसानों से पहले भी बात करते रहे हैं और अभी भी हम किसानों के साथ बातचीत करने को तैयार हैं.
वहीं दूसरी तरफ स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा के मद्देनजर और ट्रैक्टर रैली के दौरान भड़की हिंसा से सबक लेते हुए इस बार भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. गौरतलब है कि 26 जनवरी को हुए किसानों के ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले पर हिंसा भड़क उठी थी.
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने के लिए सभी किसान सिंघु बाॅर्डर पर इक्कठा होंगे, जिसके बाद वे पुलिस की सुरक्षा में प्रदर्शन के लिए बसों से जंतर मंतर पहुंचेंगे. आपको बता दें कि किसान संगठनों ने किसान संसद को माॅनसून सत्र की समाप्ति यानी 13 अगस्त तक चलाने की बात कही है जबकि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) द्वारा उन्हें 9 अगस्त तक प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई है.
Story- Priyaranjan Kumar