Kanpur: अस्पताल के टॉयलेट में हुई डिलीवरी, सीवर में फसने से बच्चे की मौत
कानपुर के अस्पताल से लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां एक गर्भवती महिला को शौचालय में प्रसव कराया गया और उसके नवजात बच्चे की शौचालय की शीट में फंसने से मौत हो गई
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कानपुर के हैलट अस्पताल से लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां एक गर्भवती महिला को शौचालय में प्रसव कराया गया और उसके नवजात बच्चे की शौचालय की शीट में फंसने से मौत हो गई. पति का आरोप है कि पत्नी को रात में प्रसव पीड़ा हुई, लेकिन डॉक्टर या नर्स ने ध्यान नहीं दिया, जब वह शौचालय गई तो वहां उसकी डिलीवरी हुई.
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दरअसल, मोबिन की पत्नी हसीना बानो को बुखार के चलते बुधवार रात हलत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हसीना आठ महीने की गर्भवती थी. वह रात में प्रसव पीड़ा में चली गई लेकिन वार्ड की नर्सों ने उसे यह कहते हुए प्रसव वार्ड में भर्ती करने से मना कर दिया कि यह हमारा मामला नहीं है, जबकि परिवार उनसे अनुरोध करता रहा. इस दौरान हसीना टॉयलेट गई, जहां टॉयलेट शीट पर ही उसकी डिलीवरी हुई और उसका नवजात बच्चा टॉयलेट शीट की सीवर लाइन में फंस गया. मोबिन का आरोप है कि जन्म के समय मेरा बच्चा जिंदा था, जब तक डॉक्टर और स्टाफ इमरजेंसी से आए तब तक बच्चे की मौत हो गई. वे उसे बचाने के लिए रोते रहे, लेकिन फिर भी बच्चे को नहीं बचाया जा सका. मोबिन का आरोप है कि टॉयलेट शीट में बच्चे का चेहरा फंसा हुआ था जबकि नीचे सीवर का पानी भरा हुआ था, बच्चे को निकालने में इतना समय लगा कि उसकी मौत हो गई.
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इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला और हैलट अधीक्षक डॉ. ऋचा गिरी चुप रहे, लेकिन रात में कॉलेज प्रशासन की ओर से प्रेस नोट जारी कर मामले को छिपाने का प्रयास किया गया. . अस्पताल का कहना है कि महिला को प्रसव पीड़ा नहीं हुई, उसके दो बच्चों की प्रसव के समय पहले ही मौत हो चुकी थी.