चौथा लहर होगा भयावह, सबवेरिएंट के लक्षणों को पकड़ पाना लगभग नामुमकिन
जापान के एक लैब में अध्यन किया गया कि बीए.2 बीए.1 की मुकाबले ज्यादा तेजी से फैलने वाली बिमारी है.

कोरोना वायरस के मामले दिन-प्रतिदिन कम होते जा रहे है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि इससे खतरा टल गया है. ऐसा माना जा रहा है कि जून-जुलाई के महिने तक एक बार फिर से चौथी लहर के आने का संभावना है. ओमिक्रोन के सबवेरिएंट बीए.2 का खतरा अभा से ही मडराना शुरू हो चुका है.
ये भी पढ़ें:- भारतीय नौसेना ने ब्रह्मोस मिसाइल का किया सफल परीक्षण
इस सबवेरिएंट को और भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है और कई देश इस वेरिएंट की चपेट में आ भी चुके है. इस बीए.2 का दूसरा नाम स्टील्थ ओमीक्रोन है, जिसपर जापान के एक लैब में अध्यन किया गया कि बीए.2 बीए.1 की मुकाबले ज्यादा तेजी से फैलने वाली बिमारी है.
ये भी पढ़ें:- UP Election 2022: सांसद रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक जोशी सपा में शामिल, अखिलेश ने किया एलान
हालांकि वैज्ञानिक अभी अच्छे से समझ नहीं पाए हैं कि इस सबवेरिएंट का इंसान पर कैसे प्रभाव कर सकता है या आगे चलकर इससे कितना नुकसान झेलना पड़ सकता है. वैज्ञानिकों और चिकित्सा पेशेवरों ने इससे जुड़े कुछ सबसे सामान्य लक्षणों को सूचीबद्ध किया है. जैसे कि यहओमीक्रोन के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैलने की क्षमता रखता है. इस बीए.2 को पकड़ना मुश्किल ही नहीं, कभी-कभी नामुमकिन भी हो सकता है.