आत्मनिर्भर भारत की पहली उपलब्धि, INS विक्रांत पर लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट की लैंडिंग
भारत का स्वदेश निर्मित हल्का लड़ाकू विमान सोमवार को विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर उतरा. नौसेना ने इसे एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है. नौसेना ने कहा कि उसके पायलटों ने लैंडिंग की.
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भारत का स्वदेश निर्मित हल्का लड़ाकू विमान सोमवार को विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर उतरा. नौसेना ने इसे एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है. नौसेना ने कहा कि उसके पायलटों ने लैंडिंग की. पीएम मोदी ने पिछले साल सितंबर में कोच्चि में देश का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत देश को समर्पित किया था. कोचीन शिपयार्ड में निर्मित, विमानवाहक पोत को बनाने में 20,000 करोड़ रुपये का खर्च आया. इस जहाज के आधिकारिक तौर पर शामिल होने से नौसेना की ताकत दोगुनी हो जाएगी.
ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल
नौसेना के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारतीय नौसेना ने 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, नौसेना के पायलटों ने आईएनएस विक्रांत पर एलसीए लैंडिंग की है. इसमें कहा गया है कि स्वदेशी विमान वाहक के साथ-साथ स्वदेशी लड़ाकू विमान भारत की डिजाइन, निर्माण और संचालन की क्षमता को प्रदर्शित करते हैं.
विशिष्ट समूह का हिस्सा
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर में भारत के पहले स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत INS विक्रांत (IACI) को चालू किया, जिससे देश 40,000 टन से अधिक श्रेणी के विमान वाहक बनाने में सक्षम राष्ट्रों के एक विशिष्ट समूह का हिस्सा बन गया.