कोरोना वैक्सीन: जनवरी में लग सकता है टीके का पहला शॉट, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी

अभी हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को एक दस्तावेज भी जारी किया गया जिसमें टीकाकरण को लेकर जनता के मन में उठ रहे सवालों के जवाब दिए गए।

कोरोना वैक्सीन: जनवरी में लग सकता है टीके का पहला शॉट, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी
Dr. harshvardhan, health minister (credit:facebook)

दुनिया भर में कोरोना कहर जारी है। जिस कारण से लोगों में अभी भी डर बना हुआ है। इसके अलावा सभी की निगाहें अब वैक्सीन का इंतज़ार कर रही हैं। लोगों के डर को समझते हुए और इस महामारी से लड़ने के लिए वैक्सीन की कवायद तेज़ हो गई है। क्योंकि कोरोना महामारी ने दुनिया भर के लोगों की जीवन शैली को प्रभावित किया है इसलिए  जरुरी हो गया है की जल्द से जल्द इस महामारी से लड़ने के लिए वैक्सीन आनी चाहिए। लोगों की इसी चिंता का ध्यान रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सभी को एक खुशखवरी और उम्मीद जगाई है। स्वास्थ्य मंत्री ने रविवार के दिन बताया कि भारत के लोगों को जनवरी में कोविड -19 वैक्सीन का शॉट लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार को भारत में 26,624 कोरोनावायरस केस सामने आये, और इसी के साथ 29,690 की रिकवरी हुई और 341 मौतें भी दर्ज की गईं।


डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि "हम लोगों की पहली प्राथमिकता ये देखना है कि वैक्सीन कितनी सुरक्षित और प्रभावशील है। लोगों की सुरक्षा को लेकर हम कोई समझौता नहीं करना चाहते हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से महसूस करता हूं, शायद जनवरी के किसी भी हफ्ते में, भारत के लोगों को पहला कोविड वैक्सीन शॉट देने की स्थिति बन सकती है।" 


आपको बता दें कि इस बात की जानकारी डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट के जरिये से दी थी। इससे पहले दिन में, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने देश के सक्रिय कोविड-19 कैसियोलाड में "स्थिर डाउनहिल" के बारे में भी ट्वीट करके जानकारी साझा की थी।


पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन लगातार सुर्ख़ियों में हैं और देश की जनता के साथ सभी महत्वपूर्ण जानकरी साझा कर रहे हैं।  अभी हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को एक दस्तावेज भी जारी किया गया जिसमें टीकाकरण को लेकर जनता के मन में उठ रहे सवालों के जवाब दिए गए। आपको बता दें कि वर्तमान समय में छह कोरोनावायरस वैक्सीन भारत में क्लिनिकल ​​परीक्षणों से गुजर रही हैं और विकास के अलग-अलग चरणों में हैं।