श्रद्धा का सिर फ्रीज में रखकर निहारता था आफताब, बाद में जलाया, नहीं जला तो फेंका
आफताब ने श्रद्धा का कटा हुआ सिर फ्रीज में ही जमा रखा था. उसे निहारता था, आफताब ने यह भी कहा कि कटे हुए सिर को कई बार जलाने की कोशिश की. मगर जमने की वजह से सिर नहीं जल पाया.
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श्रद्धा मर्डर केस में जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे नए-नए चौका देने वाले खुलासे हो रहे हैं. दिल्ली पुलिस के सामने आफताब ने एक और बात कबूल की है. आफताब ने कहा कि श्रद्धा का कटा हुआ सिर फ्रीज में ही जमा रखा था और उसे निहारता था, आफताब ने यह भी कहा कि कटे हुए सिर को कई बार जलाने की कोशिश की. मगर जमने की वजह से सिर नहीं जल पाया. इसके बाद आफताब ने श्रद्धा के सिर को मिट्टी में रगड़ा और फेंक दिया, ताकि उसे जानवर खा जाए. श्रद्धा की हत्या के बाद आफताब के दोस्त भी घर आए थे. लेकिन उस दौरान उसने श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स को कहीं और छुपा दिया था.
धब्बे साफ करने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया
पुलिस ने आफताब से खून साफ करने वाले सवाल किए तो आफताब ने बताया कि लाश के टुकड़ों और खून को साफ करने के लिए ब्लीच पाउडर का इस्तेमाल किया था. आफताब ने पुलिस को बताया कि उसने पहले वो टुकड़े फेंके जो जल्दी खराब हो सकते थे. जिसमें बदबू आ सकती थी. इसी कड़ी में आफताब ने ये भी बताया कि खून के धब्बे साफ करने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया. आफताब ने आगे बताया कि हत्या के बाद लाश को कैसे ठिकाने लगाए यह सब जानकारी उसने इंटरनेट पर सर्च करके पता लगाया था. आफताब ने श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े किए थे. उसने सभी टुकड़े जंगल में फेंके, लेकिन अंगूठा कहीं और फेंका. आफताब ने पुलिस से कहा कि वो हत्या के बाद वह रात भर श्रद्धा के शव के साथ था. ना तो उसे कोई डर था और ना ही पछतावा. वो बॉडी के साथ ही फ्लैट में सोया था. रात में उसने किचन में खाना गर्म करके भी खाया था.
'फ्रीज में श्रद्धा के सिर को निहारता रहता था आफताब'
आफताब हत्या के बाद श्रद्धा के शव के टुकड़े करने में तो सफल रहा, लेकिन वह उसके सिर को काट नहीं पाया था. उसने उसे फ्रिज में सजा दिया था. शव के दूसरे हिस्सों को तो वह रोज रात में 2 बजे उठकर फेंकता रहा, लेकिन सिर को उसने सबसे आखिर में फेंका. आफताब ने बताया कि इस दौरान वह फ्रीज खोलकर श्रद्धा के सिर को निहारकर अपने प्यार को याद किया करता था. श्रद्धा के शव से छुटकारा पाने के लिए उसने सबसे आखिर में सिर को भी जंगल में कहीं फेंक दिया था।
जून में मिला त्रिलोक पुरी में कटा सिर
गौरतलब है कि जून के महीने में त्रिलोक पुरी इलाके में पुलिस को एक कटा हुआ सिर और कटा हुआ हाथ मिला था. ये श्रद्धा के मौत के बाद पुलिस को मिला था. पुलिस इस बॉडी पार्टस को आडेंटिफाई नहीं कर पाई है. जो सिर और हाथ मिले थे उसकी कंडीशन बहुत खराब थी. अब इनको DNA जांच के लिए भेद दिया गया है. पुलिस श्रद्धा के परिवार के डीएनए से मैच कराकर जांच करेगी कहीं ये शव श्रद्धा का तो नहीं था.