इस शक्स ने बताई थी एक बूंद की कीमत, जानिए क्या रहा रक्तदान का इतिहास

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कार्ल लैंडस्टेनर वैज्ञानिक

कार्ल लैंडस्टेनर वैज्ञानिक के बर्थडे 14 जून 1868 को हुआ था और उनके बर्थडे पर रक्त दान दिवस बनाया जाता है इस वैज्ञानिक ने ही ब्लड ग्रुप का पता लगाया था जिसके लिए उन्हे 1930 में नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था.

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14 जून ब्लड डोनर डे

कार्ल लैंडस्टेनर की याद में आज के दिन यानी 14 जून को "ब्लड डोनर डे" के रूप पूरे विश्व में मनाया जाता है. ओर सब से पहले ब्लड डोनर डे 14 जून, 2005 को विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा मनाया गया था .

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अलग अलग ब्लड ग्रुप

वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टेनर ने 1901 में ब्लड ग्रुप्स का पता लगाया था उन्होंने 1901 को पोलियो वायरस का भी पता लगाया था उन्होंने एलेग्जेंडर वेनर के साथ मिल कर 1937 में रेसास फैक्टर का पता लगाया जिससे आज करोड़ो लोगो का एक दूसरे के साथ ब्लड डोनर करना आसान हो गया .

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ब्लड डोनर करते वक्त ना डरे

ब्लड डोनेट करने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है लेकिन कई लोगों को ब्लड डोनेट करने की पूरी जानकारी ही नहीं , जिसके चलते लोग अपना रक्तदान करने से डरते हैं. 18 से 65 उम्र की आयु वाले स्वस्थ लोग जिनका वजन 45 किलो या उससे अधिक है तो वह अपना ब्लड डोनेट कर सकता है.

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ब्लड डोनेट है जरूरी

जब इंसान किसी को अपना खून डोनेट करता है तब निकला खून कुछ ही दिनों में वापस शरीर में बन जाता है वैसे ही ब्लड का प्लाजमा बनने में 2 से 3 दिन में नया खून बन जाता हैं लेकिन लाल रक्त कोशिकाओं के बनने में 20 से 59 दिनों तक का टाइम लग जाता है.