उत्तराखंड चारों धामों का क्या है महत्व, जानिए क्यों लाखों श्रद्धालु हर साल करते हैं दर्शन

ऐसे समय में हम आप सभी लोगों को चारों धामों की यात्रा का महत्व समझाते है। उपयोगी बात यह है कि भारत के चार धाम और उत्तराखंड राज्य के चार धाम अलग-अलग है।

वैसे हिन्दू रीति रिवाजों इन चारों धामों की यात्रा का काफी महत्व है और माना जाता है कि जिन लोगों ने इन चारधामों की यात्रा कर ली। उनके सारे पाप धुल जाते हैं और आत्मा शुद्ध हो जाती है। तो चलिए ऐसे समय में हम आप सभी लोगों को चारों धामों की यात्रा का महत्व समझाते है और बताते है कि इस यात्रा की शुरूआत कब से हुई । 

लाखो श्रद्धालु हर साल करते हैं दर्शन

कौन से हैं चार धाम?

यमुनोत्री, केदारनाथ है जो कई लोगों में काफी प्रसिद्ध है।  हिन्दू धार्मिक इतिहास से देखा जाए तो चार धाम  एक ही दिशा में ना होकर, चार दिशाओं में हैं।

किसने की स्थापना

यह बात स्पष्ट नहीं है कि आखिर उत्तराखंड के चारों धामों की स्थापना किसने की है। ऐसी मान्यता है कि 8वीं-9वीं सदी में इसको बनवाया था। इसी कारण से इसका काफी फायदा है। कुछ लोगों का कहना है कि 8वीं सदी तक यहां बौद्ध मंदिर हुआ करते थे, जिसे बाद में इन्हे हिंदू मंदिर में बदल दिया गया।