समय की तेजी से बदलती रफ्तार के चलते समाज में रहने वाले लोग भी खुद को बदलने की कोशिश कर रहे हैं. चाहे रेहड़ी-पटरी बेचने वाले हों, फेरीवाले हों या भिखारी, भीख मांगकर अपनी जीविका चलाने वाले भिखारी के तमाम साधन डिजिटल पेमेंट के दौर में खुद को अपडेट कर रहे हैं और डिजिटल पेमेंट का सहारा ले रहे हैं.
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बिहार के रेलवे स्टेशन से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो भीख मांगने के मामले में अपने आप में अनोखी है. दरअसल, बचपन से स्टेशन पर भीख मांगता रहा राजू नाम के युवक ने अब डिजिटल जमाने के साथ भीख मांगने का अपना तरीका अपडेट कर लिया है, इसलिए उसके भीख मांगने का अंदाज अब बदल गया है. वह अब लोगों से छुट्टी नहीं लेता, बल्कि फोन पे, गूगल पे, पेटीएम जैसे डिजिटल माध्यमों से भीख मांगता है.
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लोग राजू को कम दिमाग कहकर पुकारते हैं. लेकिन राजू की सोच स्मार्ट है. यह अलग बात है कि उनकी स्मार्ट सोच भीख मांगने जैसे काम के लिए है. उनके भीख मांगने के अंदाज के लोग कायल हैं. स्थानीय लोग उसके बारे में बताते हैं कि वह बचपन से ही यहां भीख मांगता रहा है. वह बहुत अलग तरीके से लोगों से भीख मांगता है. इससे उसे आसानी से भिक्षा मिल जाती है.