Uniform Civil Code Bill: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से यूनिफॉर्म सिविल कोड का जिक्र करने के बाद यूसीसी का मुद्दा का गरम हो गया है. राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर सियासत तेज हो गई है. विपक्ष लगातार पीएम मोदी पर निशाना साध रहा है. अब यूसीसी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार मानसून सत्र ( Monsoon Session of Parliament) में यूनिफार्म सिविल कोड (UCC) का प्रस्ताव पेश कर सकती है. बता दें, मानसून सत्र जुलाई में बुलाया जाएगा. इसका अंतिम फैसला कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स की बैठक में होगा.
3 जुलाई को बुलाई गई बैठक
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code Bill) को लेकर सांसदों की राय जानने के लिए स्थायी समिति की बैठक बुलाई गई है. यह बैठक 3 जुलाई को होगी. इस मुद्दे पर विधि आयोग कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग के प्रतिनिधियों को बुलाया है. 14 जून को विधि आयोग द्वारा समान नागरिक संहिता पर आम लोगों से सुझाव मांगने के मुद्दे पर इन तीनों विभागों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. बता दें कि समान नागरिक संहिता (UCC) के मानसून सत्र में पेश होने पर संसद में सियासी घमासान मचना तय है.
यूसीसी पर विपक्ष की प्रतिक्रिया
समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर NCP प्रमुख शरद पवार का बयान सामने आया है. शरद पवार ने गुरुवार को कहा है कि यूसीसी पर चर्चा करने से पहले केंद्र सरकार को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना चाहिए. हालांकि अभी तक उन्होंने अपना रुख साफ नहीं किया है कि वह इसके समर्थन में हैं या नहीं.
एम.के. स्टालिन का बयान
उधर, डीएमके चीफ स्टालिन ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में दो तरह के कानून नहीं हो सकता. वो देश में सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काकर और भ्रम पैदा करके 2024 का लोकसभा चुनाव जीतने की सोच रहे हैं. स्टालिन ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सबक सिखाने के लिए हमने कमर कस ली है.
क्या है यूनिफार्म सिविल कोड ( What is UCC)
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) सभी धार्मिक समुदायों पर लागू होने के लिए एक देश एक नियम का आह्वान करता है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के भाग 4 में 'यूनिफॉर्म सिविल कोड' शब्द का स्पष्ट रूप से उल्लेख है. अनुच्छेद 44 के मुताबिक "राज्य भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा." समान नागरिक संहिता में संपत्ति के अधिग्रहण और संचालन, विवाह, तलाक और गोद लेना आदि को लेकर सभी के लिए एकसमान कानून बनाया जाना है.
देश में UCC की जरूरत क्यों हैं (Why UCC is needed in the country)
दरअसल, भारत में जाति और धर्म के आधार पर अलग-अलग कानून और मैरिज एक्ट हैं. इसके कारण सामाजिक ढांचा विगड़ा हुआ है. यही कारण है कि देश में यूनिफार्म सिविल कोड की मांग उठ रही है. इसके लागू होने से सभी जाति, धर्म, वर्ग और संप्रदाय के लिए एक ही सिस्टम होगा.
किन देशों में लागू है यूसीसी (In which countries UCC is applicable)
समान नागरिक संहिता का पालन कई देश करते हैं. इन देशों में अमेरिका, आयरलैंड, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया, तुर्किये, सूडान, मिस्रतुर्किये, इंडोनेशिया आदि शामिल हैं. इन सभी देशों में सभी धर्मों के लिए समान कानून हैं. किसी विशेष धर्म या समुदाय के लिए अलग-अलग कानून नहीं हैं.