विपक्ष ने पश्चिम बंगाल के साथ-साथ पंजाब और असम में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकार क्षेत्र में वृद्धि का विरोध किया है. पश्चिम बंगाल सरकार ने इस कदम को एक "तर्कहीन निर्णय" करार दिया और इसे "संघवाद पर सीधा हमला" कहा, जबकि पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने इसका स्वागत किया. उन्होंने कहा कि इससे सीमा पार से नशीली दवाओं की तस्करी और गाय की तस्करी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.
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आपको बता दें कि गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक इन तीनों राज्यों में बीएसएफ का क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में होगा. पहले यह रेंज 15 किलोमीटर थी. बीएसएफ अधिकारी पुलिस की तरह ही तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी कर सकते हैं. बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि इससे अब उन्हें घुसपैठियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.
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शुभेंदु अधिकारी ने किया ट्वीट
I Congratulate Hon'ble Home Minister of India Shri @AmitShah ji for this Gazette Notification.
— Suvendu Adhikari • শুভেন্দু অধিকারী (@SuvenduWB) October 14, 2021
Hope that fortifying WB's porous border will weed out free flowing illicit trade of drugs & cow trafficking & infiltration; operational due to the patronage of WB ruling party & Police. pic.twitter.com/3RlMPZNWYd
शुभेंदु अधिकारी ने ट्वीट किया, “मैं भारत के माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी को बधाई देता हूं. उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल की सीमा को मजबूत करने से पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी और पुलिस के संरक्षण में चल रहे नशीले पदार्थों और गौ तस्करी और तस्करी के अवैध व्यापार पर रोक लगेगी. "