हिन्दू धर्म के महीनों की बात करें तो सावन का महीना बहुत खास होता है. सावन के महीने को भगवन शिव की भक्ति के लिए उत्तम समय माना जाता है. सावन माह में लोग भगवान भोले नाथ की पूजा करते हैं, और व्रत भी करते हैं. अब हम आपको बता दें कि सावन माह में क्या हैं शिव भक्ति का महत्त्व. ऐसा माना जाता है कि सावन मास में शिव जी अपनी ससुराल आए थे, जहां पर उनका अभिषेक करके धूमधाम से स्वागत किया गया था. इस वजह से भी सावन माह में अभिषेक का महत्व होता है. इस माह में भगवान शिव और माता पार्वती भू-लोक पर निवास करते हैं. सावन माह में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं. इसीलिए ऐसा कहा जाता है कि सावन माह में भगवान शिव ही पालनकर्ता होते हैं. और वहीं भगवान विष्णु के कामों को संभालते हैं. यानि सावन में त्रिदेवों की सारी शक्तियां भोलेनाथ के पास होती हैं.
कैसे करें भगवन शिव की पूजा?
सावन महीने में बहुत ही प्यारा मौसम होता है. गांव में तो सभी पेड़ों पर बच्चे झूला झूलते दिखाई देते हैं. हिन्दू धर्म में दो शिवरात्रियों का बड़ा महत्व होता है. जिसमें पहली महाशिवरात्रि है और दूसरी सावन शिवरात्रि. इस वर्ष सावन शिवरात्रि 06 अगस्त दिन शुक्रवार यानि आज है. इस वर्ष सावन माह में चार सोमवार हैं. पुराणों के हिसाब से भगवान भोलेनाथ की पूजा में जल अभिषेक, शिव स्तुति, मंत्र जाप का अहम महत्त्व है. भगवान शिव की पूजा विशेष फल देती है. इस दिन कावंड़ भी जल भोले शंकर को अर्पित करते हैं. शिवरात्रि का महत्व और भी अब अधिक इसलिए हैं क्योंकि इस दिन सर्वाथ सिद्धि योग बन रहा है. इस दिन भगवान शिव का विविध द्रव्यों से जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है.
इन मंत्रों का करें जाप
शिव अनादि है, शिव भगवंत है,
शिव सत्य है, शिव अनंत है,
शिव शक्ति है, शिव भक्ति हैं,
शिव ओंकार है, शिव ब्रह्म हैं.