7 लाख रुपये तक की इनकम पर नहीं देना होगा टैक्स, पढ़िए बज़ट की बड़ी बातें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि व्यक्तिगत आयकर की नई टैक्स दर 0 से 3 लाख रुपये तक शून्य, 3 से 6 लाख रुपये तक 5%, 6 से 9 लाख रुपये 10%, 9 से 12 लाख रुपये 15%, 12 से 15 लाख रुपये तक 20% और 15 लाख से ऊपर 30% रहेगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2023-24 को पेश कर दिया है. इसी के साथ आर्थिक विकास के लिए सरकार की क्या तैयारी है ये साफ होता जा रहा है. लोकसभा चुनाव 2024 के चलते मोदी सरकार के लिए यह बजट काफी अहम माना जा रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि देश की आजादी के अमृतकाल का ये पहला बजट है. हमने हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश की है. खासकर युवाओं और सभी वर्ग के लोगों तक आर्थिक मजबूती पहुंचाने की कोशिश की है. 

इनकम टैक्स पर सबसे बड़ी राहत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि व्यक्तिगत आयकर की नई टैक्स दर 0 से 3 लाख रुपये तक शून्य, 3 से 6 लाख रुपये तक 5%, 6 से 9 लाख रुपये 10%, 9 से 12 लाख रुपये 15%, 12 से 15 लाख रुपये तक  20% और 15 लाख से ऊपर 30% रहेगी. केंद्र सरकार ने नई टैक्स प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है और 7 लाख तक की आय वाले लोगों को टैक्स में छूट दी है.

महिलाओं के लिए एलान

वित्त मंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत महिला सम्मान बचत पत्र का एलान किया जा रहा है और उनके लिए न्यू सेविंग स्कीम आएगी. 2 साल के लिए इसमें निवेश कर सकेंगे और 2 लाख रुपए जमा कर सकेंगी जिस पर 7.5 फीसदी का ब्याज मिलेगा. कोई भी महिला या लड़की खाता खुलवा सकेगी और इसमें से पैसे निकालने के लिए शर्तें होंगी. ये महिला कल्याण के लिए एक बड़ा कदम इस बजट में उठाया जा रहा है.

7 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं

वित्त मंत्री ने कहा कि अब 7 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. ये न्यू टैक्स रिजीम के तहत दी जाएगी. 

अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान

संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्तमान वर्ष के लिए हमारी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान है, यह विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है.  भारतीय अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रही है. 

दुनिया में 5वीं सबसे बड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था

 वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 से सरकार के प्रयासों ने सभी नागरिकों के जीवन की बेहतर गुणवत्ता और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित किया है. प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक बढ़कर 1.97 लाख रुपये हो गई है. इन 9 वर्षों में, भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में बढ़ी है.

गरीबों के लिए मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति 1 साल के लिए बढ़ी

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 2 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है. अंत्योदय योजना के तहत गरीबों के लिए मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है. हमारा आर्थिक एजेंडा नागरिकों के लिए अवसरों को सुविधाजनक बनाने, विकास और रोज़गार सृजन को तेज़ गति प्रदान करने और व्यापक आर्थिक स्थिरता को मज़बूत करने पर केंद्रित है.

कृषि से जुड़े स्टार्ट अप को प्राथमिकता दी जाएगी. युवा उद्यमियों द्वारा कृषि-स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि त्वरक कोष की स्थापना की जाएगी. पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान देते हुए कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा.