एकता कपूर की वेब सीरीज XXX सीजन 2 की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं. आज सुप्रीम कोर्ट ने वेब सीरीज में 'आपत्तिजनक सामग्री' के लिए निर्माता एकता कपूर को फटकार लगाई और कहा कि वह इस देश की युवा पीढ़ी के दिमाग को भ्रष्ट कर रही हैं. शीर्ष अदालत एकता कपूर की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. जिसमें उनके ओटीटी प्लेटफॉर्म ऑल्ट बालाजी पर प्रसारित वेब सीरीज में सैनिकों का कथित रूप से अपमान करने और उनके परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती दी गई थी.
न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा, "कुछ करना होगा. आप इस देश की युवा पीढ़ी के दिमाग को प्रदूषित कर रहे हैं. यह सभी के लिए उपलब्ध है. आप लोगों को किस तरह के विकल्प प्रदान कर रहे हैं? इसके विपरीत आप युवाओं के दिमाग को दूषित कर रहे हैं.
याचिका दायर
एकता कपूर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि पटना उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है, लेकिन इस बात की कोई उम्मीद नहीं है कि मामला जल्द ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा. उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने पहले भी इसी तरह के एक मामले में कपूर को संरक्षण दिया था. रोहतगी ने कहा कि वेब सीरीज को सब्सक्रिप्शन के बाद ही देखा जा सकता है और हमें अपने देश में अपनी पसंद देखने की आजादी है. यह कोर्ट उनके लिए काम करता है जिनके पास आवाज नहीं है. जिन लोगों के पास हर तरह की सुविधाएं हैं, अगर उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है तो इस आम आदमी की हालत के बारे में सोचें.
वकील को निर्देश
पीठ ने एकता कपूर के वकील को निर्देश देते हुए कहा, 'हर बार जब आप इस अदालत में आते हैं तो हम इसकी सराहना नहीं कर सकते. इस तरह की याचिका दायर करने के लिए हम आप पर एक लागत वहन करेंगे. रोहतगी कृपया इसे अपने क्लाइंट को बताएं। सिर्फ इसलिए कि आप सेवाओं का खर्च उठा सकते हैं और अपना केस किसी अच्छे वकील को दे सकते हैं. यह कोर्ट उनके लिए नहीं है जिनके पास आवाज है.
शीर्ष अदालत ने मामले को लंबित रखा और सुझाव दिया कि उच्च न्यायालय में सुनवाई की स्थिति के बारे में जानने के लिए एक स्थानीय वकील को लगाया जा सकता है. बता दें कि बिहार के बेगूसराय की एक निचली अदालत ने पूर्व सैनिक शंभू कुमार की शिकायत पर वारंट जारी किया था. कुमार ने 2020 की अपनी शिकायत में कथित सीरीज 'XXX' में एक सैनिक की पत्नी से जुड़े कई आपत्तिजनक दृश्यों को लेकर यह याचिका दायर की थी.