रूस के मुद्दे पर अमेरिका का सभी देशों ने खासकर उसके सभी सहयोगी देशों ने उसका साथ दिया है. लेकिन भारत इस मुद्दे पर इन सभी से अलग खड़ा है. भारत का कहना है कि, बातचीत के जरिए इस विवाद को खत्म करना चाहिए.
यह भी पढ़ें:बुध का गोचर देगा आर्थिक लाभ, जानिए क्या कहती है आपकी राशि ?
आपको बता दें कि, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है की रूस के मुद्दे पर भारत को छोड़ उसके सभी सहयोगी देश अमेरिका के साथ हैं. वहीं पश्चिमी देशों के रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों पर सभी सहयोगी देशों ने अमेरिका का समर्थन किया है. हालांकि इस मामले में भारत का रवैया जरूर गोलमोल रहा है. बिजनेस राउंडटेबल सीईओ की क्वाटर्ली मीटिंग के दौरान उन्होंने ये बात कही. उन्होंने रूस के मुद्दे पर अमेरिका के सहयोगी उसके कितने साथ हैं मुद्दे पर बोलते हुए भी कहा की क्वाड संगठन के सहयोगी देशों ने भी इस पर अमेरिका का पूरा सहयोग दिया है. वहीं जापान ने भी रूस के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं.
यह भी पढ़ें:ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण, लक्ष्य को सही तरीके से भेदने में रही कामयाब
क्वाड की वर्चुअल बैठक हुई
मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा की पुतिन इस बात को नहीं समझ पा रहे है इस मुद्दे पर नाटो किस कदर पश्चिमी देशों से एकजुट है और यूक्रेन पर उनके हमले का जवाब अपनी तरह से दे रहा है. आपको बता दें कि, इस माह की शुरुआत में क्वाड की वर्चुअल बैठक हुई थी जिसमें आस्ट्रलिया, जापान, अमेरिका के नेताओं ने यूक्रेन पर हमले के लिए रूस की कड़ी आलोचना की थी. वहीं इस बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद सुलझाने की अपील की थी. सूत्रों के अनुसार, भारत अमेरिका के सहयोगी देशों में एकमात्र देश है जिसने अब तक रूस के मसले पर अमेरिका का पक्ष नहीं लिया है. इससे पहले रूस के खिलाफ सुरक्षा परिषद में हुई वोटिंग के दौरान भी भारत इससे खुद बाहर रहा था.