एक घर दो कानून नहीं चल सकता..., लोकसभा चुनाव से पहले UCC पर पीएम का बड़ा बयान

PM Modi On UCC: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में बीजेपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता कानून का जिक्र कर दिया है. UCC हमेशा से बीजेपी का बड़ा मुद्दा रहा है.

PM Modi in Bhopal: मध्य प्रदेश में इसी साल के अंत में विधानसभा का चुनाव होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल में एक रैली में बीजेपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC)का जिक्र छेड़ दिया है. पीएम मोदी के इस बयान ने कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया. पीएम के UCC भर कहते ही वहां मौजूद कार्यकर्ता अलग ही जोश में आ गए.   

तीन तलाक के समर्थकों पर पीएम का हमला

पीएम मोदी ने पहले तीन तलाक का जिक्र करते हुए कहा, जो भी तीन तलाक के पक्ष में बात करते हैं ये लोग मुस्लिम बेटियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रहे हैं. तीन तलाक से सिर्फ बेटियों को नुकसान नहीं होता है बल्कि इससे पूरा परिवार तबाह हो जाता है. मैं समझता हूं कि मुसलमान बेटियों पर तीन तलाक का फंदा लटका कर कुछ लोग उन पर हमेशा अत्याचार करने की खुली छूट चाहते हैं.

UCC पर क्या बोले पीएम?

प्रधानमंत्री ने कहा कि, समान नागरिक संहिता (UCC) के नाम पर लोगों को भड़काने का काम हो रहा है. देश दो कानूनों पर कैसे चल सकता है? भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गई है...सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार कहा है कि समान नागरिक संहिता(UCC) लाओ लेकिन ये वोट बैंक के भूखे लोग हैं.  

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का पलटवार 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समान नागरिक संहिता की टिप्पणी पर कांग्रेस नेता और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी सदस्य आरिफ मसूद ने पीएम मोदी के बयान का पलटवार किया है. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री को याद रखना चाहिए कि उन्होंने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान की शपथ ली है. देश के सभी वर्गों को संविधान पर भरोसा है और वे इसे बदलने नहीं देंगे" 

देश में UCC की आवश्यकता नहीं:  JDU 

बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पीएम मोदी के UCC पर वाले बयान पर कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गठित विधि आयोग ने विचार कर जो रिपोर्ट दी उसमें उन्होंने समान नागरिक संहिता को सही नहीं बताया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस देश में इसकी आवश्यकता नहीं है.

क्या है समान नागरिक संहिता? 

समान नागरिक संहिता देश के सभी नागरिकों के लिए समान कानूनों की बात करती है. जिसमें किसी धर्म, लिंग और लैंगिक झुकाव की परवाह नहीं की जाती है. अभी देश में इस समय अलग-अलग धर्मों को लेकर अलग-अलग कानून हैं. लेकिन UCC लाने के बाद सभी के लिए एक जैसा ही कानून होगा. बीजेपी का हमेशा से समान नागरिक संहिता कई चुनावी वादों में एक बड़ा वादा रहा है. लोकसभा चुनाव से पहले पीएम नरेंद्र मोदी इस विचार को फिर से उठा रहे है. अभी विधि आयोग ने देश के नागरिकों से यूसीसी को लेकर सुझाव मांगे हैं, और इन सुझावों की अंतिम तिथि 15 जुलाई होगी.