अर्पिता मुखर्जी और पार्थ चटर्जी अब नई मुसीबत में पड़ सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक इस मामले में आयकर विभाग और डीआरआई जांच शुरू करेंगे. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पिछले 5 साल से अर्पिता का ITR समन कर रहा है. छापेमारी के दौरान बरामद सीडी के बारे में पार्थ से पूछताछ हो सकती है.
जांच एजेंसी को शक
इसके अलावा खबर यह भी है कि अगले हफ्ते तक इस मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है. जांच एजेंसी को शक है कि रिश्वत का पैसा नीचे से ऊपर तक जाता था. सीबीआई पहले से ही मामले की जांच में जुटी हुई है। प्रवर्तन निदेशालय ने कल शहर के चिनार पार्क इलाके में पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के एक अन्य अपार्टमेंट में छापेमारी की थी.