जानिए कब है धनतेरस, 95 साल बाद बन रहा है ऐसा संयोग, राशिनुसार खरीद सकते हैं ये सामान

इस वर्ष धनतेरस गुरुवार को दिन होंगी इसका महत्व इसलिए और ज्यादा क्योंकि, गुरु इस समय अपनी स्वयं की राशि धनु में गोचर हो रहा है।

इस बार धनतेरस का पर्व 12 नवंबर 2020 को मनाया जाएंगा। द्वादशी तिथि 12 नवंबर की शाम 5 बजकर 59 मिनट पर समाप्त हो जाएंगी। उसके बाद से त्रयोदशी लग जाएंगी। शास्त्र सम्मत से धनतेरस का पर्व प्रदोष काल में ही मनाना चाहिए, इस हेतु धनतेरस का पर्व 12 नवंबर को ही मनाना शास्त्रसम्मत है।

इस वर्ष धनतेरस गुरुवार को दिन होंगी इसका महत्व इसलिए और ज्यादा क्योंकि, गुरु इस समय अपनी स्वयं की राशि धनु में गोचर हो रहा है। इससे 94 वर्ष पूर्व धनतेरस पर गुरु अपनी स्वयं की राशि गुरु के गोचर रहते 19 अक्टूबर 1935 में धनतेरस का पर्व मना था।गुरु धन का कारक ग्रह है, एवं गुरु का अपनी स्वयं की राशि के साथ गुरुवार को ही धनतेरस का पर्व मनना आगे आने वाले समय में देश-विदेश में व्यापार को उन्नत करने वाला होंगा। विभिन्न प्रकार समस्याओं का अंत होंगा एवं खुशहाली लाने वाली यह धनतेरस होंगी।

समुद्र मंथन के समय धनतेरस को धनवंतरी हाथ में अमृत लेकर प्रकट हुए थे। धनवंतरी आयुर्वेद के देवता भी है। इसलिस यह पर्व धनवंतरी जयंती के रुप में भी मनाया जाता है। यमराज की प्रसन्नता के लिए इस दिन शाम को गेंहू की ढेरी पर रखकर एक दीपक दक्षिणामुख होकर यमराज के लिए भी लगाना चाहिए।

 शाम 5-59 से 7-11 शुभ प्रदोष काल

शात  7-12से 8-59 अमृत (पंचाग भेद से कुछ जगहों पर 13 नवंबर को धनतेरस मनाई जाएंगी)

राशि अनुसार किसे क्या खरीदना चाहिए-


इस राशि वालों को लोहे एवं उससे निर्मित वस्तुओं को खरीदन से बचना चाहिए। सोना, चांदी, बर्तन, गहने, हीरा, वस्त्र खरीदना शुभ होगा। चमड़ा, केमिकल आदि भी नही खरीदें।


सोना, चांदी, पीतल, कांसा, हीरा, कमप्युटर, बर्तनादि के लिए उर्पयुक्त हैं। केशर, चंदन की भी खरीद्दारी करना उचित होगा। फर्टीलाईजर्स आदि से बचें।


जमीन, मकान, प्लाट आदि के सौदे के लिए लाभकारी दिन हैं। मूंगा, सोना, चांदी आदि में सचेत होकर खरीद्दारी करें। कर्ज लेकर खरीद्दारी करने से बचें।


सोना, चांदी, वाहन, अन्य ज्वैलरी। लोहा एवं केमीकल से बनीं वस्तु नही खरीदें। पुरानी एवं लकड़ी से बनीं वस्तु खरीदने से बचें।


वाहन, बिजली उपकरण, स्वर्ण, चांदी, तांबा, पीतल, बर्तन, लकडी के सामान खरीद सकते हैं। लोहे एवं सिमेंट से बने पदार्थो को नही खरीदें। चांदी लाभ दे सकती हैं।


शुक्र का नीच का होना चांदी से बचने का संकेत करता हैं। नए वस्त्र में भी सफेद वस्त्रों का त्याग करें। हीरा एवं सोना से बचें एवं जमीन आदि का कार्य कर सकते हैं।


सूर्य चंद्र, बुध की युति आपको संतोष रखने का संकेत करती हैं। निवेश से पूर्णत: बचे। कोई आवश्यक खरीद्दारी करना भी हो तो परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम से करें।

वृश्चिक

सोना, चांदी, बर्तन, पीतल, वस्त्र, लोहा एवं उससे निर्मित वस्तुओं  को क्रय सकते है। किसी नए बडे निवेश से बचें जमीन आदि से भी बचें।

धनु

गुरु का गोचर आपको जमीन जायदाद से लाभ दिलाने का योग बना रहा हैं। गुरु का स्वामित्व होने से किमती धातुओं से भी लाभ होगा। हीरा एवं किमती पत्थर नही खरीदें।

मकर

समय बहुत ही अच्छा रहेगा। सभी वस्तुओं के खरीद में फायदा प्राप्त करेंगें। वस्त्र एवं सोना विशेष फायदा देने वाला होंगा। पारिवारिक उपभोग की वस्तु उपयोगी साबीत होंगी।

कुंभ

किताबें, वाहन, इलैक्टानिक्स वस्तुएं, लकडी का समान, फर्नीचर एवं सजाने के समान खरीदने में ज्यादा रुची होंगी। निवेश के लिए समय अच्छा नहीं। स्थाई संपत्ति से बचें।

मीन


सोने चांदी, किमती नग आदि खरीदन को अच्छा अवसर हैं। स्थाई संपत्ति में निवेश ठीक नही होंगा। शेयर आदि से भी बचें। वस्त्र में लाभ होंगा।