शतक से चूके लेकिन इस शॉट के सहारे 'गॉड ऑफ़ क्रिकेट' ने पूरे किए वनडे में 15 हजार रन

वनडे क्रिकेट इतिहास का एक ऐसा कारनामा जो सचिन ने अंजाम दिया था उसकी अचानक याद आना लाजिमी हो गया है. वो इसलिए क्‍योंकि आज के दिन यानी 29 जून साल 2007 में क्रिकेट के मैदान पर ये करिश्‍मा हुआ था.

ये मैच भारत और साउथ अफ्रीका के बीच बेलफास्‍ट में खेला गया था. फ्यूचर कप का ये दूसरा वनडे मैच था. साउथ अफ्रीका ने 6 विकेट पर 226 रनों का स्‍कोर खड़ा किया. इसमें मोर्ने वान विक के 82 रनों का योगदान सर्वाधिक था. उन्‍होंने 126 गेंदों में 7 चौकों और एक छक्‍के की मदद से ये पारी खेली. विकेटकीपर बल्‍लेबाज मार्क बाउचर ने 55 गेंदों पर नाबाद 55 रन बनाए तो जीन पाल डुमिनी ने 59 गेंदों पर 40 रनों का योगदान दिया. भारत के लिए युवराज सिंह ने 9 ओवर में 36 रन देकर तीन बल्‍लेबाजों का शिकार किया.

वो ऐतिहासिक सिंगल…

जवाब में भारतीय टीम ने 49.1 ओवर में सिर्फ 4 विकेट खोकर लक्ष्‍य हासिल कर लिया. सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 28.1 ओवर में 134 रन जोड़ लिए. गांगुली 75 गेंद पर तीन चौकों और एक छक्‍के की मदद से 42 रन बनाकर आउट हुए. कप्‍तान राहुल द्रविड़ 2 रन पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद सचिन ने युवराज के साथ मिलकर पारी को संभाला. सचिन 13 चौकों और दो छक्‍कों की मदद से 106 गेंदों पर 93 रन बनाकर आउट हुए. सचिन भले ही शतक से चूक गए लेकिन इस पारी में जैसे ही उन्‍होंने 18वें ओवर में आंद्रे नेल की छठी गेंद को कवर्स की ओर खेलकर एक रन लिया वो इतिहास में दर्ज हो गए. इस एक रन के जरिये उन्‍होंने वनडे क्रिकेट में 15 हजार रनों का आंकड़ा छुआ. ये और बात है कि उन्‍हें इसी गेंद पर ओवरथ्रो के चार रन भी मिल गए. युवराज सिंह भी 63 गेंदों में 4 चौकों और एक छक्‍के की मदद से 49 रन बनाकर नाबाद लौटे. दिनेश कार्तिक ने 37 गेंदों पर नाबाद 32 रन बनाए. सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर का अंत 18,426 रनों के साथ किया.