बहुजन समाज पार्ट (बसपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ में आंबेडकर के 66वें परिनिर्वाण दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की. मायावती ने बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर मंगलवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहां कि अगर देश की सरकारें संविधान के पवित्र उसूलों के तहत काम करतीं, तो करोड़ों गरीबों को कई मुसीबतों से मुक्ति मिल गई होती. उन्होंने कई सिलसिलेवार ट्वीट किया.
मायावती ने पहले ट्ववीट में लिखा कि"देश को पूर्ण जनहितैषी, कल्याणकारी एवं समतामूलक संविधान देकर धन्य करने वाले परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को उनके परिनिर्वाण दिवस पर शत-शत नमन. उन्होंने हर मामले में बेहतरीन संविधान देकर भारत का नाम देश-दुनिया में जो रौशन किया है वह अनमोल है. देश उनका सदा आभारी है."
यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री ने दूसरे ट्वीट करते हुए कहा कि, "देश की सरकारें काश उस संविधान के पवित्र उसूलों के तहत कार्य करतीं, तो यहां करोड़ों गरीब एवं मेहनतकशों को कई मुसीबतों से कुछ मुक्ति मिल गई होती. संविधान के आदर्श को जमीनी हकीकत में बदलकर लोगों के अच्छे दिन लाने की जिम्मेदारी में विमुखता एवं विफलता दुखद, चिंतनीय है."
बहन मायावती ने वहीं तीसरे ट्वीट करते हुए कहा कि, "बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर का नाम आते ही संवैधानिक हक के तहत लोगों के हित, कल्याण, उनके जान-माल-मजहब की सुरक्षा तथा आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के साथ जीने की गारंटी की याद आती है. अतः रोज़ी-रोटी, न्याय, सुख-शांति व समृद्धि से वंचित लोगों की चिंता करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है."