न्यूज एजेंसी भाषा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, भकूंप की वजह से सियांजुर जिले में दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं है. दक्षिण जकार्ता में एक कर्मचारी विडी प्रिमाधनिया ने कहा, "भूकंप बहुत तेज महसूस हुआ. मेरे सहयोगियों और मैंने नौवीं मंजिल पर आपातकालीन सीढ़ियों के साथ हमारे कार्यालय से बाहर निकलने का फैसला किया."
इंडोनेशिया में अक्सर आते रहते हैं भूकंप
मालूम हो, इस साल फरवरी में, पश्चिम सुमात्रा प्रांत में 6.2 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी और 460 से अधिक घायल हो हुए थे. जनवरी 2021 में, पश्चिम सुलावेसी प्रांत में 6.2 तीव्रता के भूकंप से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 6,500 लोग घायल हो गए थे. इससे पहवले 2004 में हिंद महासागर में आए एक शक्तिशाली भूकंप और सूनामी ने एक दर्जन देशों में लगभग 230,000 लोगों की जान ली थी , जिनमें से अधिकांश इंडोनेशिया में थे.