इंडोनेशिया में बच्चों के लिए कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट मौत बनकर आया है. कोरोना महामारी के कारण पिछले कुछ हफ्तों में सैकड़ों बच्चों की मौत हो चुकी है. इनमें से कई बच्चे ऐसे हैं जिनकी उम्र 5 साल से कम है. इंडोनेशिया में बाल मृत्यु दर दुनिया के किसी भी हिस्से की तुलना में बहुत अधिक है. अब तक कहा जाता था कि बच्चों को कोरोना वायरस महामारी से सबसे कम खतरा है.
इंडोनेशिया में इस भयावह स्थिति ने दुनिया को तनाव में ला दिया है. इस महीने महज एक हफ्ते में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई. इंडोनेशिया इस समय सबसे ज्यादा कोरोना वायरस के मामलों से जूझ रहा है. बताया जा रहा है कि बच्चों की ये मौत ऐसे समय में हो रही है जब डेल्टा वेरिएंट पूरे दक्षिणपूर्व एशिया में कहर बरपा रहा है. शुक्रवार को ही इंडोनेशिया में कोरोना के 50 हजार नए मामले आए और 1566 लोगों की मौत हुई.
इंडोनेशिया में कोरोना के कुल मामलों में 12.5 फीसदी बच्चे हैं
बच्चों के डॉक्टरों के मुताबिक इंडोनेशिया में कोरोना के कुल पुष्ट मामलों में से 12.5 फीसदी बच्चे हैं. 12 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 150 बच्चों की मौत हुई। इनमें से आधे बच्चे 5 साल से कम उम्र के हैं। इंडोनेशिया में अब तक कोरोना के 30 लाख मामले सामने आ चुके हैं और 83 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इंडोनेशिया में कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से अब तक 800 बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन इनमें से ज्यादातर की मौत पिछले महीने ही हुई है.