Manipur CM Biren Singh: मणिपुर बीते दो महीने से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है. राज्य और केंद्र सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी अभी तक हिंसा पर काबू नहीं हो पाया जा सका है. इस बीच एक राज्य के मुख्यमंत्री सचिवालय और राजभवन के बाहर एक हलचल तेज हो गई है. सूत्रों से मिल रहे जानकारी के मुताबिक राज्यपाल से मुलाकात कर सीएम बीरेन सिंह इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं. सीएम ने राज्यपाल से मिलने का समय भी मांगा है.
CM ने गृहमंत्री से की थी मुलाकात
सीएम बीरेने सिंह ने रविवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर मणिपुर में जारी हिंसा की घटना को लेकर बातचीत की थी. मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि गृह मंत्री को बताया कि राज्य में हालात नियंत्रण में हैं. लेकिन गुरुवार को राज्य में फिर से हुई हिंसा में तीन और लोगों की जान चली गई और 5 घायल हो गए. सीएम ने इसबीच राज्यपाल अनुसुइया उइके से मिलने का समय मांगा है.
कुकी समुदाय ने सीएम पर लगाया पक्षपात का आरोप
सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफे की खबर जैसे ही राज्य में अफवाहों की हवा तेज हुई, उनके समर्थक सीएम कार्यालय के बाहर जुटने लगे और हिंसा के मद्देनजर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से इस्तीफा नहीं देने का आग्रह करने लगे. बता दें कि सीएम बीरने सिंह भी मैतेई समुदाय से ही आते हैं. उन पर कूकी समुदाय ने पक्षपात करने का आरोप लगाया है. 3 मई से शुरु हुई हिंसा में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. राजधानी इम्फाल में समेत कई जिलों में जातीय हिंसा की घटना सामने आ रही हैं.
मणिपुर में क्यों भड़की हो हिंसा
दरअसल मणिपुर हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि सरकार को मैतेई समुदाय को एसटी का दर्जा देने पर विचार करना चाहिए. कोर्ट के इस फैसले के बाद से राज्य में तनाव का माहौल हो गया और जातीय हिंसा भड़क गई.