मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को 2025 से पहले यमुना नदी को साफ करने के लिए एक व्यापक छह सूत्री कार्य योजना का अनावरण किया. जिसके फरवरी 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री ने आज यहां पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा, "यमुना नदी को इतनी गंदी होने में 70 साल लग गए. इसे दो दिनों के भीतर साफ नहीं किया जा सकता है. मैंने दिल्ली के इन चुनावों में लोगों से वादा किया था कि अगले चुनावों तक इसे साफ कर दिया जाएगा. हम युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है.
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हमने नदी की सफाई के लिए छह सूत्री कार्ययोजना तैयार की है. मैं व्यक्तिगत तौर पर इसकी निगरानी कर रहा हूं. हम कार्य योजना को लागू करेंगे और फरवरी 2025 तक नदी की सफाई का काम पूरा करने की उम्मीद कर रहे हैं." उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार सीवर ट्रीटमेंट पर भी युद्धस्तर पर काम कर रही है. छह सूत्री कार्य योजना के बारे में बताते हुए केजरीवाल ने कहा, 'पहले नए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं. दूसरा मौजूदा प्लांटों की क्षमता बढ़ाई जा रही है. तीसरा, पुराने ट्रीटमेंट प्लांट की तकनीक को बदला जा रहा है. चौथा, झुग्गी-झोपड़ी समूहों से निकलने वाला कचरा जो नदियों में जाता है, उसे अब सीवर में मिला दिया जाएगा. पांचवां, कुछ क्षेत्रों में लोगों ने सीवर कनेक्शन नहीं लिया है, हमने ऐसे क्षेत्रों में मामूली शुल्क पर सीवर कनेक्शन स्थापित करने का निर्णय लिया है. और छठा सीवरों की गाद निकालना और उनका पुनर्वास करना है."
दिवाली के बाद दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब होने के कुछ दिनों बाद, राष्ट्रीय राजधानी में यमुना नदी में जहरीले झाग की मोटी परत देखी जा रही है. नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ने से राजधानी की जलापूर्ति भी प्रभावित हुई है.