खालिस्तानी समर्थक कट्टर प्रचारक और 'वारिस पंजाब दे' का चीफ अमृतपाल की आज सोमवार शाम तक गिरफ्तारी हो सकती है. उसके चाचा और ड्राइवर ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है. इस बीच, आम आदमी पार्टी की शिक्षा मंत्री आतिशी सिंह ने प्रेस कॉफ्रेंस करते हुए कहा कि मैं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को बधाई देना चाहूंगी. उन्होंने कहा जिस हिसाब से दो दिनों से उन पर उन पर जो एक्शन हुआ है. उससे पूरे देश में स्पष्ट संदेश गया है कि अगर, कोई भी अमन चैन खत्म करने की कोशिश करेगा तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
आतिशी ने कहा, जब हम पंजाब में चुनाव लड़ रहे थे तो लोग सवाल पूछा करते थे, क्या आप सरकार कानून व्यवस्था के मुद्दे को संभाल पाएगी लेकिन आज भगवंत मान ने सबका मुंह कर दिया. उन्होंने कहा, पिछली कई सरकारों ने अमन चैन भंग करने वालों को आश्रय दिया था, लेकिन आज सबके लिए स्पष्ट संदेश चला गया है. हम एक ईमानदार पार्टी हैं किसी भी तरह से क़ानून व्यवस्था से समझौता नहीं हो सकता है.
पंजाब में किसी को अमन-चैन भंग नहीं कर सकता
आतिशी सिंह ने आगे कहा, "पंजाब में किसी को भी अमन-चैन भंग नहीं करने दिया जाएगा. एक समय हम से कहा जाता था कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, क्या वहां पर सरकार लॉ एंड ऑर्डर ठीक कर सकती है? आज उसका जवाब मिल गया है. एक ईमानदार सरकार होने की वजह से ही ये सब संभव हो पाया है. पिछली सरकारों में ऐसे लोगों को प्रोटेक्शन दिया गया, इसलिए ये लोग इतने हथियार जमा कर पाएं, लेकिन अब इनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हो रही है."
18 मार्च को शुरु हुई कार्रवाई
बता दें कि 18 मार्च से शुरु हुई पंजाब पुलिस की कार्रवाई अभी तक जारी है. अब तक पुलिस ने 112 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने 7 अवैध हथियार, 300 से अधिक बुलेट, 3 गाड़ियां बरामद की गई हैं. इस बीच, अमृतपाल को लेकर हैरान करने वाला खुलासा हुआ है. अमृतपाल ISI की शह पर ही अपनी प्राइवेट आर्मी तैयार कर रहा था. जांच में ये साफ हो गया है कि AKF यानी आनंदपुर खालसा फोर्स के गठन के पीछे ISI का ही हाथ था.