Maharashtra Politics: क्या शरद पवार और अजीत पवार के बीच चल रही तनातनी अब खत्म होने वाली है? इसको लेकर महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर से यह चर्चा शुरु हो गई है. डिप्टी सीएम अजीत पवार और उनके गुट के विधायक चाचा शरद पवार से लगातार दूसरे दिन मिलने पहुंचे हैं. चाचा और भतीजे के बीच यह मुलाकात मुंबई के वाईबी चव्हाण सेंटर में हो रही है. इस मुलाकात के बाद बड़े पवार और छोटे पवार के बीच सुलह होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं. मिली जानकारी के मुताबिक बीते दिन हुई मुलाकात में अजीत पवार ने चाचा को समझाया कि वह भाजपा और शिंदे गठबंधन से हाथ मिला लें.
16 जुलाई को हुई थी मुलाकात
बता दें कि 16 जुलाई को अजित पवार, छगन भुजबल, आदिति तटकरे, हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, दिलीप वलसे पाटिल, सुनील तटकरे, संजय बनसोडे और प्रफुल पटेल शरद पवार से मिलने पहुंचे. उधर महाविकास अघाड़ी की बैठक चल रही थी. जैसे ही महाराष्ट्र एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल जितेंद्र आव्हाड (शरद गुट) को पता चला कि अजित पवार गुट पार्टी प्रमुख से मिलने पहुंचा है. ये लोग मीटिंग को छोड़कर फौरन शरद पवार से मिलने पहुंच गए.
संजय राउत ने एनसीपी पर साधा निशाना
इस मुलाकात के बाद उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है. उनके लिए पार्टी में दूबारा दरवाजे नहीं खुलने चाहिए. राउत ने एनसीपी पर तंज कसते हुए कहा कि हर पार्टी शिवसेना की तरह नहीं होती. यदि हम शरद पवार की जगह होते तो बगावत करने वाले विधायकों और अजित पवार के लिए हमेशा के लिए दरवाजे बंद कर देते. राउत ने कहा कि जिन लोगों ने धोखा दिया है उन लोगों को अयोग्य घोषित कराएंगे. राउत यही नहीं रुके. उन्होंने कहा कि अयोग्यता की डर के वजह से अजित पवार चाचा के दरवाजे पर खडे़ हैं.