RBI Alert: आरबीआई ने शुक्रवार (19 मई) को एक बड़ा फैसला लिया. आरबीआई के इस फैसले सबको चौंका दिया. दरअसल RBI ने 2000 के नोट को सर्कुलेशन से बंद करने का ऐलान किया. हालांकि आरबीआई ने कहा कि 30 सितंबर तक वैध माना जाना जाएगा. RBI को उम्मीद है कि लोगों के लिए बैंकों के साथ नोट बदलने के लिए 4 महीने का समय पर्याप्त है. चलन में चल रहे 2000 रुपये के अधिकांश नोट 30 सितंबर की निर्धारित समय सीमा के भीतर बैंकों में वापस आ जाएंगे. यह RBI की नियमित कवायद है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. वहीं आरबीआई के इस फैसले के बाद सियासत फिर से तेज हो गई है. कई राजनीतिक पार्टियों भी रिएक्शन भी सामने आने लगें. जिसमें केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा.
अशोक गहलोत ने साधा निशाना
राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने RBI के फैसले पर कहा, आप 1000 रुपए का नोट बंद कर 2000 का नोट लाए जिससे काला धन बनाने में आसानी होती है. आपने यह बंद क्यों किया? आपकी मंशा क्या है? इनको बताना चाहिए कि हमने (सरकार) इन कारणों से 2000 रुपए के नोट को बंद करने का फैसला लिया है.
राजीव शुक्ला की प्रतिक्रिया
वहीं, कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कांग्रेस ने पहले ही कहा था कि नोटबंदी गलत थी जिससे लोग परेशान हुए थे. 500-1000 के नोट को बंद कर 2000 रुपए के नोट लाना और फिर उसे बंद करने से लोगों को अनावश्यक परेशानी होगी. ऐसे फैसलों से अर्थव्यवस्था मजबूत होने की बजाए कमज़ोर होती है.
सीएम केजरीवाल ने पीएम पर साधा निशाना
इधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आरबीआई के इस फैसले पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा, पहले बोले 2000 का नोट लाने से भ्रष्टाचार बंद होगा. अब बोल रहे हैं 2000 का नोट बंद करने से भ्रष्टाचार ख़त्म होगा. इसीलिए हम कहते हैं, PM पढ़ा लिखा होना चाहिए. एक अनपढ़ पीएम को कोई कुछ भी बोल जाता है. उसे समझ आता नहीं है. भुगतना जनता को पड़ता है.
काले धन पर दूसरा सर्जिकल स्ट्राइक: BJP
भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने RBI के इस फैसले पर बोले, यह काले धन पर दूसरा सर्जिकल स्ट्राइक है जिससे बचा कुचा काला धन लोगों के पास है वह बाहर निकलेगा. अगर अमेरिका 100 डॉलर के नोट से काम चला सकता है तो भारत में 2000 रुपए की आवश्यकता क्या है? नोटबंदी के दौरान सरकार ने तात्कालिक तौर पर लोगों को राहत देने के लिए 2000 रुपए के नोट को छापना शुरू किया था. इससे आम आदमी को परेशानी नहीं होगी क्योंकि उनके पास 2000 रुपए नोट नहीं है.